क्या हो अगर
चाँद हो इक ऊन का गोला
जिससे कोई सितारे बुनता हो
टूट कर जो गिरे ज़मीन पर
तो शायद वो इंसान बनता हो
जुड़ा तो है इक धागे से
पर क्या पता जब कोई उसे खींचे
वो फिर आसमान में चमकता हो
क्या हो अगर
चाँद हो इक ऊन का गोला
जिससे कोई सितारे बुनता हो
टूट कर जो गिरे ज़मीन पर
तो शायद वो इंसान बनता हो
जुड़ा तो है इक धागे से
पर क्या पता जब कोई उसे खींचे
वो फिर आसमान में चमकता हो
He chose me the first time our eyes met And I stepped in knowing what...
My hand was held so I wouldn't be lost. But somewhere in the holding, something...
I am still gathering myself From all the moments I bleed Some crawling back, some...